लंबाई (कद) बढ़ायें ताड़ासन योग से

ताड़ासन योग क्या है ?

 

ताडासन योग को विभिन्न नामों से जाना जाता है जैसे पर्वत योग मुद्रा, पाम ट्री योग और स्वर्गीय मुद्रा। इसको पाम ट्री योग इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि इसमें साधक खजूर के पेड़ की तरह लगा हुआ प्रतीत होता है। इसे स्वर्गीय योग मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसमें साधक पूरी तरह से आपने आप को स्वर्ग की ओर खींचता हुआ प्रतीत होता है।ताड़ासन के लाभ एवं विधि

 

ताड़ासन कैसे करें ?

ताड़ासन करने की विधि बहुत सरल है। इस आसन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हर खड़े हो कर करने वाले आसन जैसे हस्तोसत्ताहनासन, कटिचक्रासन, त्रिकोणासन, ईत्यादि के लिए पहले आप को ताड़ासन में अाना पड़ता है।

  • सबसे पहले आप जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं।
  • श्वास लेते हुए आप अपने हाथ को सिर के ऊपर ले कर जाते हैं और हाथ को खींचते हुए उंगलियों को इंटरलॉक करते है।
  • अपनी एड़ी को उठाते हुऐ पैर की उंगलियों पर आते हैं और अपने आप को ऊपर खींचने का प्रयास करते है।
  • आप पैर की उंगलियों से लेकर हाथ की उंगलियों तक खिंचाव महसूस करते है।
  • योगासन को धारण करते समय आप धीरे श्वास लें और उससे भी धीरे धीरे श्वास छोड़े।
  • शुरू में 10 सेकंड तक करने का प्रयास।
  • लेकिन आसन के धारण करने के समय को आप धीरे धीरे बढ़ा सकते हैं ।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से इसको आप पाँच से सात बार कर सकते हैं।

 

ताड़ासन के 10 आश्चर्यचकित लाभ

  1. वजन कम करने के लिए ताड़ासन: यह शरीर के विभिन्न हिस्सों से अतिरिक्त वसा को पिघलाने में सहायक है। इस तरह से इसे वजन घटाने के तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  2. कद बढ़ाने में सहायक ताड़ासन : अगर नियमित रूप से ताड़ासन का अभ्यास किया जाये तो निश्चित रूप से बच्चों की लंबाई बढ़ेगी। इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि इस योगाभ्यास करते समय में पुरे शरीर में उपयुक्त रूप से खिंचाव महसूस हो।
  3. नसों की कमजोरी और दर्द के लिए ताड़ासन : ताड़ासन का अभ्यास नसों की कमजोरी, दर्द और दुर्बलता को दूर करने के लिए कारगर है। इससे ऐठन की समस्यां भी दूर हो जाती है। यह नसों और मांसपेशियों को सही रूप से काम करने में मदद करता है।
  4. सायटिका दर्द को कम करता है ताड़ासन : इस आसन को सामन्य रूप से करने से सायटिका का दर्द बहुत हद तक कम हो जाता है। एक बात की ध्यान रखनी चाहिए कि इस तरह के रोगियों को यह आसन किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही अभ्यास करना चाहिए
  5. एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है ताड़ासन : यह एकाग्रता बढ़ाने की एक सटीक उपाय है और साथ ही साथ सतर्कता एवं संतुलन को बनाये रखने में प्रभावी है।
  6. पैर और टांगों की दर्द को कम करता है ताड़ासन : यह पैर और टांगों की समस्यां जैसे सूजन, दर्द, सुन्न, जलन और झनझनाहट जैसी परेशानियों को दूर करता है।
  7. ताड़ासन से पीठ दर्द में छुटकारा पायें : यह पीठ में दर्द के इलाज के लिए एक उपयुक्त योगासन है। अगर आप को रीड़ की हड्डी में कही कोई समस्यां हो तो ताड़ासन करनी चाहिए।
  8. चलने की कला सिखाता है : योग गुरु बी. के. एस आयंगर के अनुसार अच्छे खासे लोगों को चलना नहीं आता। ताड़ासन के नियमित अभ्यास से खड़े रहने और चलने का सही तरीका आ जाता है।
  9. ताड़ासन एड़ी की दर्द कम करता है: ताड़ासन के अभ्यास से एड़ी की दर्द कम हो जाती है।
  10. ताड़ासन घुटने की दर्द का बेहतरीन उपाय: बढ़ती उम्र एवं जीवन शैली में परिवर्तन होने के कारण आज बड़ी संख्या में लोग घुटने की दर्द से परेशान है। लेकिन इस आसन का नियमित अभ्यास से घुटने की दर्द के समस्यां से बचा जा सकता है।

 

ताड़ासन की सावधानियाँ

  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • वैरिकाज़ नस से परेशान रोगी इस अभ्यास से बचना चाहिए।
  • अगर आप को चक्कर आता हो तो इस आसन को करने से बचे ।
  • यह आसन उनको भी नहीं करनी चाहिए जो लंबी अवधि से सिर दर्द, अनिद्रा और कम रक्तचाप से ग्रसित हो।

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