जानिए तुलसी के 13 चमत्कारी औषधि गुण एवम फायदे

तुलसी क्या है ?

तुलसी एक आयुर्वेदिक पौधा है जिसका पत्ता ही सिर्फ काम नहीं आता बल्कि इसकी जड़, शाखाएं और बीज भी विभिन्य बीमारियों के इलाज के लिए बहुत कारगर है। तुलसी से बनी औषधियां  एक तरह से रामबाण है। बीमारी को ठीक करने से संबंधित तुलसी की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। तुलसी जैसे आयुर्वेदिक पौधे में छोटी से लेकर बड़ी से बड़ी बीमारियों  का औषधि इलाज है। तुलसी का औषधि महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि बहुत जगह इस पौधे को संजीवनी बूटी का दर्जा दिया गया है।

तुलसी के 13 करिश्माई फायदे

शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जहाँ तुलसी को घरेलू नुश्खे के रूप में इस्तेमाल न किया जाता हो। आज आपको इस लेख में हम बताएंगे कि तुलसी किस तरह से मनुष्य के लिए वरदान है।

  1. तुलसी बालों के लिए: तुलसी के पत्ते और बीज का सेवन करने से बालों के लिए बहुत ही उम्दा नुस्खा है। यह आपके बालों को झड़ने से रोकता है और नियमित रूप से इस्तेमाल करने से बाल भी काले हो जाते हैं।
  2. तुलसी त्वचा को निखारता है: तुलसी के सेवन से चेहरे में निखार आता है। यह आपके त्वचा के रंग को साफ करता है
  3. तुलसी मलेरिया को रोकता है: तुलसी अपने औषधि गुण के कारण मलेरिया और अन्य बुखार के लक्षण को कम करने के लिए एक आसान घरेलू उपाय है। विधि: तुलसी के (10 पत्ते ) और काली मिर्च (3 ) का काढ़ा बनाए को मिलाएं और फिर इसका सेवन करें।  यह आपके बुखार को  ही ठीक नहीं करता बल्कि पुराने से पुराने बुखार को भी जड़ से उखाड़ फेंक देता है।
  4. तुलसी कुष्ट रोगियों के लिए: शास्त्रों में लिखा गया है कि तुसली पौधे के अगल बगल रहने से कुष्ट रोग दूर दूर तक नहीं फटकता। विधि: अगर आपको कुष्ट रोग को दूर भगाना हो तो हर दिन सुबह सुबह उठ कर तुलसी की जड़ को पीस कर सोंठ के साथ मिला कर पिए।
  5. तुलसी साइनस के लिए: तुलसी का रस साइनस, माइग्रेन और सिर दर्द के लिए बहुत प्रभावी है।  विधि: तुलसी का रस (1 चम्मच ) और शहद (1 चम्मच) दोनों मिला कर पिए।  इसका आप 20 दिन तक लगातार सेवन करें। आप करिश्माई फायदे महसूस करेंगे।
  6. तुलसी आखों के लिए: तुलसी आखों के लिए बहुत महत्वपूर्ण औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।  विधि: फ्रेश तुलसी के पत्तों का रस निकाले और इसका दो बूंद प्रत्येक आंखों में डाले।  इस प्रक्रिया को 15 दिनों के करते  रहें। यह आपके आंखों में विटामिन सी की कमी से होने वाली रतौंधी बीमारी को दूर करता है।  साथ ही साथ यह आंखों का पीलापन, लाली को कम करता है और आंखों की रौशनी में भी इजाफा करता है।
  7. तुलसी किडनी के पथरी के लिए: तुसली किडनी के पथरी के लिए एक बहुत ही मुफीद पौधा है। यह आपके किडनी को स्वस्थ रखता है और पथरी के बनने से रोकता है।  विधि:  तुलसी के पत्तियों को उबालें।  अब एक चम्मच उबाल हुआ पानी और एक चम्मच शहद मिला कर पिए। इसका सेवन 3 से 6 महीने तक करते रहें।  यह आपके पथरी को निकालने में कारगर साबित हो सकता है।
  8. तुलसी ह्रदय रोग के लिए: तुलसी का नियमित सेवन करने से ह्रदय मजबूत बनता है और ह्रदय से सम्बंधित रोगों से आपको निजात दिलाता है।  विधि: तुलसी के पत्ते (10 ), काली मिर्च (5 ) और बादाम (4) को अच्छी तरह से पीस लें। अब इसे आधा गिलास पानी और एक चम्मच शहद के साथ लें। यह सिर्फ आपके ह्रदय के लिए ही ठीक नहीं है बल्कि आपके आपके ब्लड प्रेशर को भी सामान्य रखता है।
  9. तुलसी सेक्स के लिए: तुलसी आपको सेक्सुअली मजबूत बनाता है।  इसके सेवन से स्पर्म ठीक से बनने लगता है। विधि: इसमें आप तुलसी के बीज का खाने के लिए इस्तेमाल करें।
  10. तुलसी महिलाओं  के पीरियड्स में: महिलाओं में पीरियड्स के अनियमित पर तुलसी के बीज का खाना बहुत प्रभावी माना गया है।  मासिक चक्र के समसयाओं के लिए तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल करनी चाहिए।
  11. तुलसी दस्त को रोकने के लिए:  अगर आप दस्त से परेशान हैं तो आपको तुलसी के पत्ते का सेवन करनी चाहिय।  विधि: तुलसी एवम जीरे को पीस लें और फिर दिन में इसको चार से पांच बार चाटते रहें।
  12. तुलसी मुहं के दुर्गन्ध को कम करने के लिए: सांस की दुर्गन्ध को कम करने के लिए तुलसी के पत्ते का उपयोग किया जाता है। विधि: अगर आप मुंह और साँस की दुर्गन्ध से परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों को कुछ समय के लिए मुंह में रखें।
  13. तुसली टीबी के लिय: तुसली टीबी, दमा, खाँसी और अन्य श्वास से संबंधित समसयाओं के इलाज के लिए बहुत कारगर इलाज है। विधि: हर दिन तुलसी के पत्ते  खाने से टीबी के जीवाणु (बैक्टीरिया ) शरीर में  पनप नहीं पाते। अगर आपको दमा, सर्दी, जुकाम से राहत पानी है तो आप तुलसी, शहद और अदरख का काढ़ा बना कर पिए।

 

तुसली का 10 धार्मिक महत्व

धर्म के लिहाज से देखा जाए तो तुलसी का अपना एक अलग मक़ाम है। हिंदू धर्म में इसकी पूजा की जाती है। शास्त्रों में इसको देवी के समानांतर माना गया है।  धार्मिक महत्व के हिसाब से यह आपके घर को सुखमय आनंद दिलाता रहता है।  अब आप जानेंगे तुसली के 10 धार्मिक तथ्य!

  1. सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, एकदशी एवम रत को तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए
  2. शास्त्रों में कहा गया है की अगर तुलसी की पूजा नियमित रूप से किया जाए तो घर में लक्ष्मी आती है।
  3. वास्तु के हिसाब से भी तुलसी को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
  4. तुलसी का पौधा घर में लगाने से आप बहुत सारे नकारत्मक चीजों से दूर रहते हैं।
  5. तुलसी का सूखा पौधा असुभ माना जाता है।
  6. तुसली के पौधे का अच्छी तरह से ख्याल रखें।  इसका ख्याल में आपकी खुशहाली छिपी हुई है।
  7. तुलसी आपके घर के वातावरण को सुगन्धित रखता है और आपको तरह तरह के बीमारियों से दूर रखता है।
  8. तुसली आपके सेहत के लिए रामबाण है।
  9. हो सके तो तुलसी के पत्ते को निगले चबाने के बजाय।
  10. शिवलिंग और गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है।

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