जानिए डेंगू बुखार के रोकथाम के लिए घरेलू उपचार

डेंगू क्या है ?

आज कल सब तरफ डेंगू का कहर फैला हुआ है। आम आदमी से लेकर सरकार तक सब कोई इससे परेशान हैं। डेंगू मच्छर की एक जाति एडीज ageypti के काटने के कारण होता है। इसके कुछ मुख्य लक्षण हैं जैसे बहुत तेज बुखार, शरीर एवम जोड़ो में दर्द, इत्यादि। सही तरीके से अगर मरीज की देखभाल न हो तो यह जानलेवा भी हो सकता है। हर साल पुरे दुनिया में लाखों की संख्या में लोग इसका शिकार होते हैं और अच्छे खासे लोगों को मौत भी हो जाती है। डेंगू के लिए अब तक कोई ऐसी दवाई नहीं हुई जिससे इस पर अच्छी तरह से काबू पाया जा सके। लेकिन घरेलू उपचार के साथ इसका बचाव बहुत हद तक किया जा सकता है।papaya for dengue prevention

डेंगू बुखार के लक्षण

डेंगू बुखार के लक्षण अचानक से नहीं मालूम पड़ता। सच्चाई तो यह है की इस मच्छर के काटने के एक हप्ते के बाद इस बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं। इसके कुछ महत्वपूर्ण लक्षण इस प्रकार है।

  • तेज बुखार
  • जोड़ों में दर्द
  • पूरे शरीर में दर्द
  • सर दर्द
  • अगर मामला गंभीर हो जाए तो शरीर से खून भी निकलने लगता है
  • ब्लड प्लेटलेट्स की कमी
  • wbc का कम हो जाना

 

डेंगू बुखार का कारण

डेंगू का बुखार एडीज ageypti के काटने के कारण होता है। एडीज ageypti जमें हुए साफ पानी होता है। वैसे तो यह दिन में कभी भी काट सकता है लेकिन प्रायः यह सुबह एवम शाम के वक्त ज़्यदा एक्टिव होता है। इससे बचने का मुख्य तरीका है इसका रोकथाम और भरपूर सावधानियां।

 

डेंगू का घरेलू उपचार

डेंगू का रोकथाम एवम बचाव आसान है अगर आप इससे बचने के लिए घर के छोटे छोटे उपचार और सावधानियों पर ध्यान दें। वैसे मॉडर्न मेडिकल साइंस में इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन वैकल्पिक चिकित्सा का उपयोग करके बहुत हद तक इसको कण्ट्रोल कर सकते हैं।

  1. तरल पदार्थ: अगर आपको बुखार है तो ज़्यदा से ज़्यदा तरल पदार्थ लें ताकि शरीर में पानी की कमी को रोका जा सके।
  2. पपीता: प्लेटलेट्स की कमी होने पर पपीता के पत्ते का रस सेवन करनी चाहिए।
  3. गिलोय: गिलोय के तने को पानी में उबालें और फिर इसको ठंडा कर पिये। यह आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और डेंगू से बचाता है।
  4. मेथी: मेथी के पत्ते खाने से डेंगू में कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है क्योंकि यह नींद लाने में मदद करता है।
  5. हल्दी: दूध एवम हल्दी का अगर सेवन किया जाए तो डेंगू के लक्षण बहुत हद तक कम किया जा सकता है।
  6. तुलसी: तुलसी के पत्ते एवम काली मिर्च को पानी में उबाल कर पिने से डेंगू के बचाव में मदद मिलती है।
  7. होम्योपैथी: होम्योपैथी चिकित्सा बहुत हद तक डेंगू के रोकथाम में कारगर है।
  8. H ydrotherapy: H ydrotherapy का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

डेंगू में सावधानियां

डेंगू के रोकथाम के लिए सावधानियों पर अमल करना बहुत जरूरी है। अगर आप सावधानियों पर ध्यान देते हैं तो बहुत आसानी से इसके रोकथाम में आप कामयाब हो सकते हैं। यहां पर कुछ महत्वपूर्ण चीजों का जिक्र किया जा रहा है जिसके मदद से आप इस बीमारी को रोक सकते हैं।

  • यह हमेशा साफ पानी पर प्रजनन करता है। ऐसे जमे हुए साफ पानी पर germicide का छिरकाव करनी चाहिए।
  • लोगों के बीच में इस बीमारी और इसके प्रजनन के बारे में जागरूकता होनी चाहिए।
  • अगर आपके घर में वाटर कूलर हैं तो नियमित रूप से इसके पानी को बदलते रहें।
  • बच्चों को इस तरह से कपड़ा पहनाएं कि इनका पूरा शरीर ढका रहे।
  • mosquito नेट का प्रयोग करें।
  • दरवाजे एवम खिड़कियों पर परदे का प्रयोग करें।
  • जैसे ही डेंगू के लक्षण मालूम परे तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श करें।
  • जब आपको डेंगू बुखार हो तो मसालेदार और जंक फूड से बचें।
  • आपने आपको गंदे पानी से दूर रखें।
  • अगर घर के अगल बगल कचरा हो तो इसको ढककर रखें।
  • स्वच्छता का पूरा ध्यान दें।
  • और ज़्यदा से ज़्यदा आराम करें।

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2 Comments

  1. Avatar for Admin Jazlynn May 18, 2017
    • Avatar for Admin Tanvi July 4, 2017

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