उष्ट्रासन योग विधि, लाभ और सावधानी

उष्ट्रासन योग का अर्थ क्या है ?

उष्ट्रासन दो शब्द मिलकर बना है।  ‘उष्‍ट्र’ का अर्थ ऊंट होता है। इस मुद्रा में शरीर ऊंट के समान लगता है इसीलिए  इसको इस नाम से पुकारा जाता है।  स्वस्थ लाभ के हिसाब से उष्ट्रासन बैठ कर करने वाले आसन में एक महत्वपूर्ण योगाभ्यास है।  उष्ट्रासन एक ऐसी योग एक्सरसाइज है जो क्रोध एवं शारीरक विकारों को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है।ustrasana-steps-benefits-precaution

 

उष्ट्रासन योग करने की विधि

उष्ट्रासन करना बहुत आसान है। यहां पर बहुत सरल तरीके से इसके विधि को बताया जा रहा है।

तरीका

  • सबसे पहले आप फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं या आप वज्रासन में बैठे।
  • ध्यान रहे जांघों तथा पैरों को एक साथ रखें, पंजे पीछे की ओर हों तथा फर्श पर जमे हों।
  • घुटनों तथा पैरों के बीच करीब एक फुट की दूरी रखें।
  • अब आप अपने घुटनों पर खड़े हो जाएं।
  • सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और अब दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर तथा बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखें।
  • ध्‍यान रहे कि पीछे झुकते समय गर्दन को झटका न लगे।
  • अंतिम मुद्रा में जांघें फर्श से समकोण बनाती हुई होंगी और सिर पीछे की ओर झुका होगा।
  • शरीर का वजन बांहों तथा पांवों पर समान रूप से होना चाहिए।
  • धीरे धीरे सांस ले और धीरे धीरे सांस  छोड़े।
  • जहाँ तक हो सके अपने हिसाब से मुद्रा को मेन्टेन करें।
  • और फिर लंबी गहरी सांस छोड़ते अपनी आरंभिक अवस्था में आएं।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से आप इसको पांच से सात बार कर सकते हैं।

 

उष्ट्रासन योग के लाभ

उष्ट्रासन योग के बहुत सारे लाभ है। यहां पर इसके कुछ महत्वपूर्ण फायदे के बारे में बताया गया है।  आप इस  ज़्यदा से ज़्यदा फायदा उठा सकते हैं अगर इसको ऊपर बताए गए विधि के हिसाब से  जाए।

फायदा

  1. उष्ट्रासन पेट की चर्बी के लिए: इस योग का अभ्यास से  अपनी पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं। अगर आप इसको सही ढंग से करते हैं तो बहुत हद तक पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।
  2. उष्ट्रासन डायबिटीज के लिए: इसका अभ्यास करके आप डायबिटीज को बहुत हद तक कण्ट्रोल कर सकते हैं क्योंकि यह आपके पैंक्रियास को उत्तेजित करता है और इन्सुलिन के स्राव में मदद करता है।
  3. उष्ट्रासन फेफड़े के लिए: फेफड़े के स्वस्थ के लिए यह एक उम्दा आसन है और फेफड़े से सम्बंधित परेशानियों से आप को बचाता है।
  4. क्रोध कम करता है: यह योगाभ्यास क्रोध को कम करते हुए आपको शांत करने में मदद करता है।
  5. उष्ट्रासन नेत्र के लिए: दृष्टि विकार वाले व्‍यक्तियों के लिए उष्‍ट्रासन अत्‍यधिक उपयोगी होता है।
  6. उष्ट्रासन कमर दर्द में: इसको विशेषज्ञ के सामने अभ्यास करने से कमर दर्द में बहुत मदद मिलती है। यह आसन कमर दर्द के लिए रामबाण है।
  7. गर्दन के दर्द: गर्दन के दर्द को भी कम करने में मदद करता है।
  8. उष्ट्रासन पाचन में लाभदायक: पाचन संबंधी समस्‍याओं में यह लाभकारी होता है।
  9. खूबसूरत चेहरा के लिए: पतली कमर और खूबसूरत चेहरा के लिए उष्ट्रासन का अभ्यास करनी चाहिए।
  10. स्लिप डिस्क में लाभ: विशेषज्ञ के सामने  करने पर यह स्लिप डिस्क एवं साइटिका को दूर करने में मददगार है।
  11. मासिक परेशानियों को दूर करता है: यह आसन महिलाओं में मासिक जैसी परेशानियों को दूर करने में लाभदायक है।

 

उष्ट्रासन योग के सावधानी

  • उच्‍च रक्‍तचाप में इसे नहीं करनी चाहिए।
  • हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति इसे करने से बचें।
  • हर्निया से ग्रस्‍त व्‍यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • अधिक कमर दर्द में इसका अभ्यास न करें।
  • साइटिका एवं स्लिप डिस्क वाले मरीज इसको किसी विशेषज्ञ के सामने करनी चाहिए।

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