जानिए शीर्षासन योग के 10 बड़े फायदे

शीर्षासन का एक परिचय

शीर्षासन दो शब्द मिलकर बना है -शीर्ष जिसका मतलब होता है सिर और आसन जिसके माने होता है योग मुद्रा। शास्त्रों में 84 लाख आसनों का जिक्र है, लेकिन फायदे के मामले में शीर्षासन की अलग पहचान है जिसके के कारण इन 84 लाख आसनों में शीर्षासन को राजा कहा गया है। शीर्षासन के जितने भी फायदे गिनाए जाए कम है। यहां पर हम इसके कुछ महत्वपूर्ण लाभ के बार में विस्तार से चर्चा करेंगे।Shirsasna-benefits

 

शीर्षासन के बेहतरीन फायदे

  1. शीर्षासन वजन कम करने के लिए: इस आसन का नियमित अभ्यास से आप वजन घटा सकते हैं और अपने मोटापे पे काबू पा सकते हैं। इस आसन के अभ्यास से पिट्यूटरी ग्रन्थि पर प्रभाव पड़ता है जो दूसरे अन्त: स्रावी ग्रंथियों को सही मात्रा में हॉर्मोन स्राव करने में मदद करता है। यह थाइरोइड ग्रंथि को भी प्रभावित करता है जो शरीर के मेटाबोलिज्म को बहुत हद तक कंट्रोल करता है।
  2. शीर्षासन बाल झड़ने को रोकता है: अगर शीर्षासन को नियमित रूप से बहुत दिनों तक किया जाए तो बाल के झड़ने को रोका जा सकता है। इस आसन के अभ्यास से ब्रेन वाले हिस्से में खून का प्रवाह बहुत आसन हो जाता है। यह खोपड़ी को भी मजबूत एवं स्वस्थ बनाता है जिसके कारण बाल से सम्बंधित परेशानियाँ जैसे बाल का झड़ना, बाल का सफेद होना, डेंड्रफ इत्यादि से आप को छुटकारा दिलाता है। यह बाल को घने और लंबे करने में भी सहायक है।
  3. चेहरे के चमक को बढ़ाना: शीर्षासन चेहरे के खूबसूरती को बढ़ाने में बहुत फायदेमंद है। इसके अभ्यास से आपके चेहरे में खून की आपूर्ति सही तरीके से होने लगती है और साथ ही साथ पोषण तत्व एवं खनिज लवण का प्रवाह भी सही होने लगता है। जिसके कारण यह आपको पिम्पल, रिंकल, और चेहरे की दूसरी परेशानियों से बचाता है।
  4. शीर्षासन डायबिटीज के लिए: यह आसन डायबिटीज को रोकने में एक अहम भूमिका निभाता है। यह पैंक्रियास को उत्तेजित करते हुए इन्सुलिन के स्राव में मदद करता है और इस तरह से डायबिटीज के प्रबंधन में सहायक है।
  5. शीर्षासन ब्रेन के लिए: शीर्षासन ब्रेन के लिए निहायत ही एक उम्दा योगाभ्यास है। इस आसन से ब्रेन के करोड़ों कोशिकाओं में एक नई जान आ जाती है क्योंकि हर कोशिका में रक्त का सही प्रवाह के साथ साथ उपयुक्त पोषण एवं खनिज लवण मिलता है। इस तरीके से इन कोशिकाओं और ऊतक का ठीक तरह से देखभाल होती है।
  6. शीर्षासन सिर दर्द और माइग्रेन रोकने में: इस आसन के करने से आप सिरदर्द एवं माइग्रेन से हमेशा हमेशा के लिए निजात पा सकते हैं। सिरदर्द और माइग्रेन प्रायः सिर के कोशिकाओं का दबाब एवं संकोचन से होता है। यह आसन इसे कम करके आपको माइग्रेन से रहत दिलाता है।
  7. शीर्षासन से सेक्सुअल समसयाओं का समाधान: इस आसन से अधिकतर सेक्सुअल प्रोब्लेम्स को रोका जा सकता है। इसे सिर्फ रोका ही नहीं जा सकता बल्कि इन प्रोब्लेम्स का इनमें सटीक समाधान भी है।
  8. शीर्षासन आँख की बीमारियों के लिए: इस आसन के करने से आँख और आँख वाले हिस्से में सही मात्रा में रक्त एवं पोषण तत्व का प्रवाह होता है जिससे बहुत सारी आँख की परेशानियों से आप को राहत मिल सकती है।
  9. पाइल्स एवं वैरिकोस नस से छुटकारा : शीर्षासन आपको पाइल्स और वैरिकोस नस की समसयाओं से छुटकारा दिलाता है। प्रायः पाइल्स और वैरिकोस नस खून का सही प्रवाह न होने के कारण होता है और पाइल्स वाले जगह में रक्त का जमना भी इसका एक मुख्य वजह है।
  10. शीर्षासन पाचन के लिए: यह आपके के पाचन क्रिया को स्वस्थ करते हुए कब्ज और इससे संबंधित परेशनियों से बचाता है।

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