सेतुबंध आसन (ब्रिज पोज़ ): विधि, फायदे और सावधानियाँ

सेतुबंध आसन को ब्रिज पोज़ भी कहा जाता है क्योंकि इसका आकार बहुत हद तक ब्रिज के  समान है। यह पीठ के बल पर लेट कर किए जाने वाले महत्वपूर्ण आसनों में से एक है। सेतुबंध आसन कमर दर्द, थाइरोइड, डिप्रेशन ईत्यादि के लिए बहुत कारगर है। यहां पर आप ब्रिज पोज़ के सरल विधि, लाभ एवं सावधानियाँ के बारे में  विस्तार से जानेंगे ।setubandhasana for back pain

कैसे करें सेतुबंध आसन?

इस आसन को करने की विधि बहुत सरल है। यह आसन खासकर जिनको कमर दर्द की शिकायत रहती है नियमित रूप से करनी चाहिए।

  • सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाए।
  • अब अपने घुटनों को मोड़े ताकि यह रीढ़ की हड्डी के 90 डिग्री पर हो।
  • सांस लेते हुए अपने कमर को सहूलियत के हिसाब से उठाए।
  • इस अवस्था को 20-30 सेकंड तक बनाये रखें।
  • जब आप आसन  धारण करते है तो धीरे धीरे सांस ले और धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • फिर सांस छोड़ते हुए ज़मीन पर आये।
  • यह एक चक्र हुआ, आप 3 से 5 बार इसे कर सकते हैं।

सेतुबंध आसन के 10  लाभ

  1. सेतुबंध आसन कमर दर्द के लिए रामबाण: यह आसन कमर दर्द के लिए बहुत प्रभावी है। इसका नियमित अभ्यास करने से कमर दर्द हमेशा हमेशा के लिए गायब हो जाता है। इसलिए जो लोग कमर दर्द से परेशान हैं उनके लिए यह आसन रामबाण है।
  2. सेतुबंध आसन थाइरोइड ठीक करने के लिए:  शीर्षासन के बाद अगर सेतुबंध किया जाये तो थाइरोइड के लिए बहुत प्रभावी है। इस आसन के करने से थाइरोइड ग्लैंड का अच्छी तरह से मसाज हो जाता है और थायरोक्सिन हॉर्मोन के स्रवण में मदद मिलती है जो थाइरोइड को रोकने में सहायक होता है।
  3. डिप्रेशन कम करे सेतुबंध आसन से: इस योगाभ्यास के करने से रीढ़ की हड्डी में अच्छी लचक देखी जा सकती है। इसके करने से एकसमान खिचाव रीढ़ के हड्डी के नीचे तंत्रिकाओं को मिलता है जो आपके तन मन को स्वस्थ रखते हुए डिप्रेशन को कम करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
  4. सेतुबंध आसन वजन कम करने के लिए:  इस आसन के करने से जाँग, चूतड़ एवं पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। शर्त है इस आसन में अपने आप को देर तक बनाए रखना और नियमित रूप से इसका अभ्यास करना।
  5. सेतुबंध आसन कब्ज एवं एसिडिटी के लिए: पाचन संबंधित एंजाइम के स्राव में मदद करता है। इस तरह से यह आसन आप को कब्ज एवं अम्लीयता से बचाता है।
  6. सेतुबंध आसन से टेनिस एल्बो में आराम: अगर इस आसन का अभ्यास करते समय आप  हाथ से पैर की टखना को पकड़ कर कमर को उठाते हैं तो आपके टेनिस में बहुत हद तक आराम मिल सकता है।
  7. सेतुबंध आसन किडनी के लिए अच्छा है: इसके अभ्यास से आप अपने किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं।
  8. सेतुबंध आसन अस्थमा के लिए: सेतुबंध के अभ्यास से आपको अस्थमा में बहुत हद तक सफलता मिल सकती है। इस आसन से सीने में खिंचाव आता है|
  9. सेतुबंध आसन गर्ववती महिला के अच्छा: यह आसन गर्ववती महिला के लिए अच्छा है और साथ ही साथ मासिक परेशानियों से भी बचाता है।
  10. सेतुबंध आसन  पैर को मजबूत बनाता है: जिनका पैर कमज़ोर है और जब तब शून्य हो जाता है उसे सेतुबंध आसन करना चाहिए। अगर आप प्राय थका हुआ महसूस करते हैं तो इस आसन का करना बहुत लाभप्रद होगा।

सेतुबंध की सावधानियाँ

  • यह आसन हाइपर एक्टिव थाइरोइड वाले मरीजों को नहीं करना चाहिए।
  • अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो इस आसन के प्रैक्टिस करने से बचें।
  • ज्यादा गर्दन की दर्द होने पर इस आसन को न करें।
  • अगर घुटने की दर्द हो तो इससे करने से बचें।
  • अगर कंधे में तकलीफ हो तो इस योग को नहीं करनी चाहिए।

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