कैसे करें सेतुबंध योग आसन कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए ?

वैसे तो सेतुबंध आसन एक सरल योगाभ्यास है लेकिन इसके फायदे जानकर आप हैरान रह जायेंगे। यह आसन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है जहाँ तक कमर दर्द की बात है उसके लिए यह रामबाण है। लेकिन शर्त है कि इसको आप किस तरह से  अभ्यास करते हैं ? यहां पर हम आपको बताएंगे सेतुबंध आसन करने के विभिन्य विधियाँ जिसके अभ्यास से आप ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सकते हैं।setubandhasana for back pain

सेतुबंध योग से कमर दर्द में राहत

विधि एक

  • आप सबसे पहले पीठ के बल अपने योग मैट या किसी समतल सतह पर  सीधे लेट जाएं।
  • अब आप अपने दोनों हाथों को जांघ की तरफ लेकर आए।
  • सांस लेते हुए अपने पीठ को उठाएं और इस तरह से अपने कमर को ऊपर लेकर आएं कि यह ब्रिज का रूप प्रतीत हो।
  • ध्यान रहे आपकी एड़ी नितम्बों की ओर ज्यादा न खिसके।
  • इस अवस्था को अपने हिसाब से कुछ समय के लिए धारण किये हुए रहे।
  • धीरे धीरे सांस लें एवं धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • जब आपको अपनी पहली अवस्था में आनी हो लम्बी गहरी सांस छोड़ते हुए नीचें आएं।
  • यह एक चक्र हुआ, आप तीन से पांच बार इसे अभ्यास करें।

अगर आप सेतुबंध आसन को ऊपर दिए गए हुए स्टेप्स के साथ करते हैं तो बहुत हद तक  कमर दर्द से राहत पा सकते हैं। अगर इसी को योग विशेषज्ञ के सामने करते हैं तो कमर दर्द  को कम करने के लिए यहीं रामबाण साबित हो सकता हैं।

सेतुबंध आसन थाइरोइड के लिए

विधि 2

  • पीठ के बल अपने योग मैट या किसी समतल सतह पर  सीधे लेट जाएं।
  • घुटने को नितम्बों की ओर ले कर आएं
  • और अपने हाथों से कुहनी को पकड़ने की कोशिश करें।
  • सांस लेते हुए अपने पीठ को उठाएं |
  • और इस तरह उठाएं कि अापका कंधा एव  गर्दन  एक  दूसरे  का  समकोण बनाए |
  • इस अवस्था को  कुछ समय के लिए धारण किये हुए रहे।
  • धीरे धीरे सांस लें सांस एवं धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • जब आप को अपनी पहली अवस्था में आनी हो लम्बी गहरी सांस छोड़ते हुए नीचें आएं।
  • यह एक चक्र हुआ, आप तीन से पांच बार इसे अभ्यास करें।

ब्रिज अासन का यह अवस्था थाइरोइड के लिए बहुत लाभकारी है| यह किडनी के स्वस्थ के लिए भी बहुत अच्छा है| इस के नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी भी कम होती है| यह असान अापके नितंबों को खूबसूरत बनाता है|  जांघ को भी सुडॉल बनाता है| इसके अभ्यास से  खून का बहाव ब्रेन में स्मूथ हो जाता है

सेतुबंध अासन के तीसरी विधि

  • आप किसी समतल सतह पर  सीधे लेट जाएं।
  • अब आप अपने दोनों हाथों को  अपने जांघ की तरफ ले कर आए।
  • सांस लेते हुए अपने पीठ को उठाएं|
  • धीरे धीरे सांस लें सांस एवं धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • अब अाप फिर लंबी गहरी सांस लेते हुए अपने एक पैर को 90 डिग्री पर उठाएं|
  • ध्यान रहे अापकी एड़ी नितम्बों की ओर न अाए।
  • इस अवस्था को  अपने हिसाब से कुछ समय के लिए धारण किये हुए रहे।
  • धीरे धीरे सांस लें सांस एवं धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • जब आप को अपनी पहली अवस्था में आनी हो लम्बी गहरी सांस छोड़ते हुए नीचें आएं।
  • फिर दूसरे लेग को उठाएं और उपर बतायी गई विधि को अनुसरण करें|
  • यह एक चक्र हुआ, आप तीन से पांच बार इसे अभ्यास करें।

यह आपके कमर के लिए अच्छा है। जांघों को भी मजबूत बनाता है।

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