5 योग अस्थमा (दमा) कण्ट्रोल करने के लिए

योग और अस्थमा ।Yoga and asthma

प्रदूषण एवं स्मोग का प्रकोप दिनों दिन बढ़ने के कारण अस्थमा एवं सांस की बीमारियां एक भयंकर रूप ले रहा है। बड़े तो बड़े , छोटे बच्चे भी इससे अछूत नहीं है। यहां योग का अभ्यास आपको बहुत हद तक अस्थमा, साँस से होने वाली बीमारियां, प्रदूषण एवं स्मोग से होने वाली परेशानियों से निजात दिला सकता है। यहां पर आपको कुछ योगाभ्यास के बारे में बताया जा रहा है जिसका नियमित अभ्यास से आप अस्थमा को बहुत हद तक कण्ट्रोल नियंत्रण कर सकते हैं। यही नहीं आप प्रदूषण और स्मोग से होने वाली बहुत सारी साँस से संबंधित बीमारी से भी बच सकते हैं।

 

अस्थमा से मुक्ति के लिए योग ।Yoga to overcome asthma

yoga and asthma

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन एक ऐसा योगाभ्यास है जो आपके फेफड़े के लिए बहुत लाभदायक है। इस आसन के नियमित अभ्यास से आपके फेफड़े कि इन्टेक कैपेसिटी बढ़ती है। जिससे आप ज़्यदा से ज़्यदा साँस ले सकते हैं और इससे ज़्यदा साँस को निकाल सकते है। वैसे तो उष्ट्रासन के बहुत सारे फायदे हैं लेकिन यह फेफड़े और इससे संबंधित बीमारियों से बचाता है। इस आसन के बारे में अधिक जानने के लिए और इसके सही विधि को समझने के लिए उष्ट्रासन, विधि और लाभ को पढ़े।

भुजंगासन

भुजंगासन की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। कहा जाता है कि आप कोई आसन करे या न करे लेकिन भुजंगासन की अभ्यास नियमित रूप से जरूर करनी चाहिए। खासकर यह योगाभ्यास औरतों बहुत ज़्यदा लाभकारी है। इस आसन के नियमित अभ्यास से चेस्ट के कंजेस्शन को कम किया जा सकता है। और साथ ही साथ फेफड़े में भड़ी प्रदूषित पदार्थों को निकालने में मदद करता है। इसके और लाभ एवं सही तरीके जानने के लिए क्लिक करें

कपालभाति

कपालभाति एक ऐसे योग क्रिया है जिसके बारे में कहा जाता है कि कोई भी बीमारी ऎसी नहीं है जिसका इस योग में प्रबंधन न हो। अगर इस योग को अच्छी तरह से प्रैक्टिस किया जाए तो यह दावे के साथ कहा जा सकता है कि कपालभाति अस्थमा को जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम है। सही तरीके से इसका प्रैक्टिस करने पर फेफड़े में मौजूद गंदिगी को निकालने में भी मदद करता है। इसके और लाभ एवं सही विधि यहां पढ़े

अनुलोम विलोम प्राणायाम

अगर आपको अस्थमा एवं साँस की दूसरी बीमारियों से बचना है तो सबसे अच्छा योगाभ्यास प्राणायाम है। यहां पर अनुलोम विलोम का जिक्र किया जा रहा है। अनुलोम विलोम को अगर सही विधि के साथ किया जाए तो आप सोच भी नहीं सकते कि यह फेफड़े को किस हद तक मजबूत बनाता है। यह फेफड़े को स्वस्थ बनाने में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप समय की पावंदी के कारण और योगाभ्यास न कर पाते हो तो अनुलोम विलोम को नियमित रूप से जरूर करते रहें।

भस्त्रिका प्राणायाम

अगर आपको हार्ट, ब्लड प्रेशर, अल्सर इत्यादि की शिकायत नहीं है तो फेफड़े को स्वस्थ रखने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम एक उतम योगाभ्यास है। यह भौतिक औऱ सूक्ष्म शरीर को गर्म रखता है। इस प्राणायाम में तेजी से बलपूर्वक श्वास लिया और छोड़ा जाता है। इस प्राणायाम के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां पढ़े

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