कपालभाति प्राणायाम से तुरंत वजन घटाएं

कपालभाति क्या है – Kapalbhati meaning in Hindi

कपालभाति प्राणायाम एक प्रबल सांस की प्रक्रिया है जो आप को स्वस्थ ही नहीं रखता बल्कि आपके के वजन और मोटापा घटाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। कपालभाति से पेट की चर्बी को आसानी से कम किया जा सकता है। सिर्फ पेट की चर्बी ही नहीं, पुरे शरीर के फैट को गलाने के लिए यह सांस की प्रक्रिया बहुत कारगर है। अगर इसको विधिपूर्ण और किसी विषेशज्ञ के सामने किया जाये तो वजन एवं मोटापा को तुरंत घटाया जा सकता है। और साथ ही साथ जीवन शैली से सम्बंधित बीमारियां जैसे डायबिटीज, आर्थराइटिस, हाइपरटेंशन, ओबेसिटी, ब्लड प्रेशर, इत्यादि से आप को नजात दिला सकता है। अब आपको हम यहां बताएंगे कि कैसे कपालभाति प्राणायाम कैसे करें ताकि वजन को कंट्रोल करते हुए बिमारियों पर काबू पाया जा सके।Kapalbhati for weight loss

कपालभाति प्राणायाम पेट की चर्बी के लिए – Kapalbhati for belly fat in Hindi

कपालभाति प्राणायाम पेट की चर्बी के लिए बहुत ही प्रभावशाली योग क्रिया है। इससे आप पेट की चर्बी ही कम नहीं कर सकते बल्कि पेट एवम शरीर से सम्बंधित बहुत सारे रोगों से छुटकारा भी पा सकते हैं। अब बात आती है कि इस योगाभ्यास को कैसे किया जाये जिससे ज़्यदा से ज़्यदा फायदा पहुंचे।

  • किसी ध्यान की मुद्रा में बैठें, आपकी पीठ,गर्दन एवं रीढ़ की हड्डी सीधी हो।
  • आँखें बंद करें और पुरे शरीर को ढीला छोड़े।
  • अब लंबी गहरी सांस लें और फिर उसे झटके के साथ धीरे धीरे निकालते रहें।
  • ध्यान रहे सांस छोड़ते समय पेट की पेशियों को बल के साथ सिकोड़ते हुए सांस निकालें ।
  • सांस खींचने में किसी प्रकार के बल का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
  • सांस धौंकनी के समान चलनी चाहिए।
  • यह क्रिया करते समय पेट फूलना और सिकुड़ना चाहिए।
  • इस क्रिया को तेजी से कई बार दोहराएं। शुरुवाती दौर इसे 30 बार करें और धीरे धीरे इसे 100-200 तक करें।
  • अगर तुरंत पेट की चर्बी को कम करना हो तो इसे 15 से 20 मिनट तक करते रहें।
  • लेकिन ध्यान रहे जब आप थक जाए तो कुछ समय के लिए आराम करें और फिर से इस प्रक्रिया को दोहराएं।

कपालभाति प्राणायाम मोटापा के लिए – Kapalbhati for obesity in Hindi

कपालभाति प्राणायाम से आप मोटापा को कण्ट्रोल कर सकते हैं। इस योगाभ्यास को अगर लगन के साथ और नियमित रूप प्रैक्टिस किया जाये तो मोटापा और ओबेसिटी में बहुत हद तक फायदा मिलता है।

  • किसी ध्यान की मुद्रा में बैठें, आपकी पीठ,गर्दन एवं रीढ़ की हड्डी सीधी हो।
  • आँखें बंद करें और पुरे शरीर को ढीला छोड़े।
  • अब लंबी गहरी सांस लें और फिर उसे झटके के साथ प्रबल तौर पर निकालते रहें।
  • सांस छोड़ते समय पेट की पेशियों जितना हो सके बल के साथ सिकोड़ने की कोशिस कराएं।
  • ऐसा लगे की आप की पेट की पेशियों साँस छोड़ते समय कमर को छू रहा हो।
  • सांस धौंकनी के समान चलनी चाहिए।
  • यह क्रिया करते समय पेट फूलना और सिकुड़ना चाहिए।
  • इस क्रिया को तेजी से कई बार दोहराएं। शुरुवाती दौर इसे 100 बार करें और धीरे धीरे इसे 5 00-6 00 तक करें।
  • धीरे धीरे इसे 30 मिनट तक करते रहें।
  • थकान महसूस करने पर रुक जाए , कुछ समय के लिए आराम करें और फिर से इसे दोहराएं।

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