बद्ध पद्मासन विधि, लाभ और सावधानी

बद्ध पद्मासन क्या है- Baddha Padmasana in Hindi

बद्ध पद्मासन एक बैठने वाला अहम योग पोज़ है जिसको लॉक्ड लोटस पोज़ और क्लोज़्ड लोटस पोज़ भी कहा जाता है। बद्ध पद्मासन दो शब्दों से मिलकर बना है जहाँ बद्ध का अर्थ होता है बांधा हुआ और पद्म का अर्थ होता है कमल का फूल। इस आसन के प्रैक्टिस से बहुत सारे फायदे हैं। आज हम यहाँ इसके कुछ महत्वपूर्ण लाभ, विधि और सावधानी के बारे में जानेगें।

बद्ध पद्मासन विधि-Baddha Padmasana steps in Hindi

यहाँ पर हम इस आसन को कैसे सरल तरीके से किया जाए इसके बारे में चर्चा करेंगें।

  • सबसे पहले आप दंडासन में बैठ जायें।
  • अपने कमर को सीधा करते हुए दाईं टाँग को उठा कर बाईं जाँघ पर रखें और बाईं टाँग को दाईं जाँघ पर रखें।
  • अब आप आपना बायाँ हाथ पीठ के पीछे से आगे की ओर ले आयें और बाए हाथ से बाए पैर का अंगूठा पकड़ लें। इसी तरह से दाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़े।
  • इस स्थिति को बरकरार रखते हुए धीरे धीरे साँस लें और धीरे धीरे साँस छोड़े।
  • जितना देर हो सके इसको मेन्टेन करें फिर अपने पहेली अवस्था में आ जाएं।
  • यह एक चक्र है। इस तरह से आप 2 -3 चक्र कर सकते हैं।

 

बद्ध पद्मासन के लाभ-Baddha Padmasana benefits in Hindi

  • बद्ध पद्मासन घुटनों और एंकल के लिए बहुत लाभदायक योगाभ्यास है। इसमें में खिचाव लाते हुए इनको मज़बूत बनाने में अहम रोल अदा करता है।
  • इस आसन के अभ्यास से आपकी रीढ़ हड्डी सीधी रहती है जिसके कारण पीठ की मांसपेशियों में खिचाव आता और शरीर के इस हिसे में रक्त के प्रभाव को बढ़ा देता है।
  • यह कमर को मजबूती देता है।
  • पाचन को बढ़ाने में मदद करता है।
  • आपके पैरों को मजबूत बनाता है।
  • जिनको गठिया की शिकायत है उन्हें इस आसन का अभ्यास करनी चाहिए।
  • यह ध्यान की और बढ़ने में आपकी मदद करता है।

 

बद्ध पद्मासन सावधानी-Baddha Padmasana precautions in Hindi

  • अगर आपको घुटनों में दर्द हो, उन्हे भी बद्ध पद्मासन नहीं करना चाहिए।
  • हॅम्स्ट्रिंग वाले मरीज इसका अभ्यास न करें।
  • कमर दर्द होने पर भी इसके अभ्यास स बचें।
  • इसके अभ्यास में किसी भी प्रकार की जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। शुरुवाती समय में जितना संभव हो सके इसका उतना अभ्यास करना चाहिए।
  • शुरुवाती दौड़ में इसको किसी एक्सपर्ट के सामने में करनी चाहिए।

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