वृक्षासन योग विधि, लाभ और सावधानी

वृक्षासन योग क्या है ?

वृक्षासन दो शब्द मिलकर बना है ’वृक्ष’ का अर्थ पेड़ होता है और आसन योग मुद्रा की और दर्शाता है।  इस आसन की अंतिम मुद्रा एकदम अटल होती है, जो वृक्ष की आकृति की लगती है, इसीलिए इसे यह नाम दिया गया है। यह बहुत हद तक ध्यानात्मक आसन है जिसका बहुत अच्छा विवरण पुराने राजाओं के अभ्यास में मिलता है जैसेकि राजा अशोक। यह आपके स्वास्थ के लिए ही अच्छा नहीं है बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाये रखने में सहायक है।vrksasana-steps-benefits-precaution

वृक्षासन योग कैसे करें ?

वृक्षासन योग करने का आसन तरीका यहाँ पर बताया गया है। इसका अनुसरण करते हुए आप इसको आप बिना किसी विशेषज्ञ के अपने घर पर आसानी से कर सकते हैं।

  • आप सबसे पहले सीधे खड़े हों जाएं या ताड़ासन में आ जाएं।
  • पैरों के बीच की जगह को कम करें और हाथों को सीधा रखें।
  • दायां पैर उठाएं और दाएं हाथ से टखना पकड़ लें।
  • दाईं एड़ी को दोनों हाथों की सहायता से बाईं जांघ के ऊपरी भाग यानी जोड़ पर रखें।
  • पंजों की दिशा नीचे की ओर हो और दाएं पांव के तलवे से जांघ को दबाएं।
  • ध्यान रहे मुड़े हुए पांव को दूसरे पांव के साथ समकोण बनाए।
  • अब हथेंलियों और अंगुलियों को प्रार्थना की मुद्रा में जोड़ें, ऊपर उठाएं और छाती पर रखें फिर धीरे-धीरे उन्हेंं उठाकर सिर से ऊपर ले जाएं।
  • आपके दोनों हाथ सिर से सटे होनी चाहिए।
  • कुछ समय तक शरीर का संतुलन बनाए रखें और इस अवस्था अपने हिसाब से धारण किये हुए रहे।
  • अब हाथ नीचे ले जाएं और मूल अवस्थाे में लौट आएं।
  • फिर इसी प्रक्रिया को दूसरे तरफ से करें।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें।

 

वृक्षासन योग लाभ

  1. वृक्षासन घुटने के दर्द के लिए: घुटने से पीड़ित मरीजों को इस आसन का अभ्यास करनी चाहिए। इस आसन के नियमित अभ्यास से घुटने के दर्द से आप  हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। अगर घुटने में ज़्यदा दर्द हो तो इसको किसी विशेषज्ञ के निगरानी में करनी चाहिए।
  2. एडि़यों के दर्द के लिए वृक्षासन: एड़ियों के दर्द से परेशान व्यक्ति को इस योगाभ्यास का प्रैक्टिस करनी चाहिए।  यह एड़ियों के दर्द को कम ही नहीं करता बल्कि एड़ियों की लचीलापन को भी बढ़ाता है।
  3. पैरों की मजबूती में: पैरों के मांसपेशियों को मजबूत बनाने में यह अहम भूमिका निभाता है और साथ ही साथ पैरों को शक्तिशाली भी बनाता है।
  4. गठिया के दर्द में  लाभदायक: इससे गठिया का दर्द और सुन्नत होने की समस्या् दूर हो जाती है।
  5. तनाव में सहायक: इस आसन के अभ्यास से आप तनाव और चिंता को बहुत हद तक कम कर सकते हैं।
  6. डिप्रेशन में सहायक: इसका नियमित अभ्यास से आप डिप्रेशन से निजात पा सकते हैं।
  7. कद बढ़ाने में:  छोटे बच्चों को इस आसन का अभ्यास कराने से कद बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
  8. नस के दर्द में: इसको विशेषज्ञ के सामने करने से नस की परेशानियों से बचा जा सकता है।
  9. वजन बढ़ने के रोकने में: इसका नियमित अभ्यास करने से शरीर के वजन को कम किया जा सकता है। यह शरीर के चर्बी को गलाने में सहायक है।
  10. शरीर संतुलन में सहायक: इसके अभ्यास से शरीर में संतुलन बढ़ता है।
  11. रीढ़ की हड्डी के लिए: यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत करते हुए इसको स्वस्थ रखता है।

 

वृक्षासन योग सावधानियां

  • वृक्षासन उनको नहीं करनी चाहिए जिनके घुटनों में बहुत ज़्यदा  दर्द है।
  • अधिक एड़ियों के दर्द होने पर इस आसन का अभ्यास नहीं करनी चाहिए।

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