उत्तानमंडूकासन योग विधि, लाभ और सावधानी

उत्तानमंडूकासन योग क़्या है?

‘उत्तान’ का अर्थ तना हुआ और ‘मंडूक’ का अर्थ मेढक होता है। उत्तानमंडूकासन की अंतिम मुद्रा में शरीर सीधे तने हुए मेढक के समान लगती है, इसलिए यह नाम दिया गया है। इस आसन में सिर को कोहनियों से थामा जाता है ताकि सिर पीछे की ओर न जाए।  अगर इसको सही तरीके से किया जाए तो इसके बहुत सारे स्वस्थ लाभ है।Uttana Mandukasana Steps, Benefits and Precaution

 

उत्तानमंडूकासन योग विधि

उत्तानमंडूकासन करना बहुत आसान है।  यहां पर इसके सरल तरीके को बताया गया है जिसको अनुसरण करके इसको सही रूप में आप प्रैक्टिस कर सकते हैं।

 

तरीका

 

  • सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं।
  • दोनों घुटनों को फैलाएं।
  • अब आप दाईं बांह उठाएं, मोड़ें और दाएं कंधे के ऊपर से पीछे ले जाकर हथेली को बाएं कंधे के नीचे रख दें।
  • उसी तरह से अब आप  बाईं बांह को मोड़ें तथा ऊपर से लेकर जाकर हथेली को दाएं कंधे के नीचे रख दें।
  • अपने आपको ऊपर की ओर खीचें।
  • अपने हिसाब से इसी मुद्रा में बने रहें और धीरे धीरे इसकी अवधि को बढ़ाएं।
  • वापस आते समय धीरे-धीरे बार्इं बांह और फिर दाईं बांह हटाएं।
  • घुटनों को आरंभिक अवस्था मे ले आएं।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें।

 

उत्तानमंडूकासन लाभ

 

इस आसन के कुछ महत्वपूर्ण फायदे को नीचे बताया जा रहा है।

 

  1. उत्तानमंडूकासन पीठ दर्द में :  इस आसन का नियमित  अभ्यास से आप पीठ दर्द से निजात पा सकते हैं।
  2. उत्तानमंडूकासन गले दर्द में : यह योगाभ्यास गले के दर्द में लाभकारी है।
  3. उत्तानमंडूकासन डायाफ्राम के लिए : यह आसन डायाफ्राम की गति को सुधारने में सहायक होता है।
  4. उत्तानमंडूकासन घुटने के लिए: इसके अभ्यास से धीरे धीरे आपके घुटने मजबूत होने लगता है।
  5. कोहनी के लिए योग: उत्तानमंडूकासन आसन आपके कोहनी को भी सबल बनाता है।
  6. कंधे दर्द में योग: इस आसन के लगातार अभ्यास से आप कंधे के दर्द को रोक सकते हैं।
  7. पेट के चर्बी को गलाने में: इस आसन को अगर बहुत देर तक मेन्टेन किया जाए तो इससे पेट के बगल के चर्बी को कम किया जा सकता है।
  8. श्वसन योग: इसके नित्य अभ्यास से आप अपने श्वसन सम्बन्धी परेशानियों को भी सुधार सकते हैं।
  9. यह आपके किडनी , अंडाशय और टेस्टिस के लिए भी लाभकारी है।

 

उत्तानमंडूकासन सावधानी

  • उत्तानमंडूकासन उनको नहीं करनी चाहिए जिनको ज़्यदा कमर की दर्द हो।
  • अगर आपके घुटने में परेशानी हो तो इस आसन का अभ्यास न करें।
  • कोहनी में दर्द होने पर भी इस आसन का अभ्यास नहीं करनी चाहिए।
  • यह आसन उनको नहीं करनी चाहिए जिनके कंधे में बहुत दर्द हो।

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