शवासन योग विधि, लाभ और सावधानी

शवासन क्या है ? Shavasana in Hindi

शवासन संस्कृत शब्द का बना हुआ है। शव का अर्थ होता है मृत शरीर। इस आसन को शवासन इसलिए भी कहते हैं क्योंकि इसमें शरीर मृत शरीर या मुर्दे के समान लगता है। शवासन एक अत्यंत महत्वपूर्ण योगाभ्यास है। इसका शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक महत्व बहुत ही ज़्यदा है। प्राय: योगाभ्यास के बीच में या अन्त में शवासन किया जाता है ताकि शरीर शांत एवं स्थिर रहे। ध्यान के लिए शवासन एक उत्तम योग विधि है।Shavasana Steps, Benefits and Precaution

 

शवासन की विधि। How to do Shavasana

इस आसन को करना सबसे ज़्यदा आसान है। इस आसन को कोई भी कर सकता है। यहां पर इस आसन के सरल तरीके के बारे में बताया जा रहा है।

तरीका

  • पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को आराम से शरीर से एक फुट की दुरी पर रखें।
  • पैरों के बीच एक या दो फुट की दूरी रखें।
  • दोनों हाथ जमीन पर शरीर से 10 इंच दूर रखें।
  • अंगुलियां तथा हथेली ऊपर की दिशा में रखें।
  • सिर को अपने हिसाब से रखें।
  • आंखें धीरे से बंद करें।
  • धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • शवासन में कोशिश किया जाता है की आपके शरीर का प्रत्येक अंग से तनाव मुक्त रहे और शरीर के अंगों को ज़्यदा से ज़्यदा आराम मिल सके।

 

शवासन के लाभ। Shavasana benefits

अगर देखा जाए तो शवासन के लाभ ही लाभ है। लेकिन यहां पर इसके कुछ महत्वपूर्ण फायदे के बारे में बताया जा रहा है।

फायदा

  1. ध्यान के लिए उम्दा आसन: ध्यान के लिए यह सबसे अच्छा योगाभ्यास है। शवासन आपको ध्यान की गहराई में लेकर जाता है ताकि आप ध्यान से होने वाले लाभ को महसूस कर सके और इसका फायदा उठा सके।
  2. तनाव घटाने में : यह आसन तनाव घटाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
  3. थकावट दूर करने में: यह शारीरिक तथा मानसिक थकावट दूर करने में लाभकारी है।
  4. मांसपेशियों के आराम में : यह शरीर की सभी पेशियों एवं तंत्रिकाओं को विश्राम देता हैा और आपको तनाव मुक्त करने में अहम भूमिका निभाता है।
  5. मनोवैज्ञानिक विकार दूर करने में: यह मनोवैज्ञानिक विकार दूर करने में अत्यंत लाभकारी आसन है।
  6. उच्च रक्तचाप कम करने में : उच्च रक्तचाप को कम करने में लाभकारी है।
  7. हृदय रोग में लाभदायक: ह्रदय रोगी के लिए बहुत ही फायदेमंद योगाभ्यास है।
  8. बेचैनी दूर करने में : बेचैनी दूर करने में अहम भूमिका निभाता है।
  9. चिंता कम करने में: यह चिंता को कम करते हुए आपको शांत एवं शरीर को विश्राम दिलाता है।

 

शवासन की सावधानी

वैसे शवासन की कोई सावधानी नहीं है। फिर भी ज़्यदा देर तक इसको मेन्टेन करना भी ठीक नहीं है। अपने योग टीचर के सहायता से इसके समय को आप कम व ज़्यदा कर सकते हैं।

 

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