सर्वांगासन योग कैसे करें, फायदे और सावधानी

सर्वांगासन योग क्या है?

सर्वा का मतलब होता है सभी। इसका अर्थ यह हुआ कि वैसा आसन जो शरीर के हर भाग या अंगों को प्रभावित करता हो। स्वस्थ के लिए इस आसन की सार्थकता यहीं तक सीमित नहीं होती है। बल्कि योग एवं योग थेरेपी में सर्वांगासन का महत्व बहुत ज़्यदा है क्योंकि यह आपके स्वस्थ के साथ साथ शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर आपको बहुत आगे तक लेकर जाता है। शायद ही कोई ऐसी परेशानी या बीमारी हो जिसको यह आसन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में प्रभावित न करता हो। यह कंधों पर खड़े होने वाला आसन है और इसे उत्तानपादासन एवं विपरीतकरणी मुद्रा का विकसित रूप कहा जा सकता है।sarvangasana-steps-benefits-precaution

 

सर्वांगासन कैसे करें ?

अब बात आती है कि इस आसन को आसानी से कैसे किया जाए। पहले पहले लोग इस आसन को करने से घबराते हैं लेकिन नीचे दिए गए तरीके का अनुसरण करते हुए आप इसको बहुत सरलता के साथ कर सकते हैं।

  • पीठ के बल लेट जाएं।
  • हाथों को जांघों के पास रखें।
  • अब आप अपनें पैरों को पहले 30 डिग्री पर फिर 60 डिग्री और उसके बाद 90 डिग्री तक ले कर जाएं।
  • हाथों को दबाकर नितंब ऊपर की ओर उठाते हुए पांवों को सिर की ओर लाएं।
  • सहारे के लिए हथेलियां पीठ पर रखें।
  • आप अपने शरीर को सीधा इस तरह से करते हैं कि ठोड़ी छाती पर आकर लगें।
  • ठोड़ी छाती पर इस तरह से लगाते हैं की गर्दन के थाइरोइड वाले हिस्से में दबाब पड़े।
  • अपने हिसाब से इस मुद्रा को धारण करें।
  • फिर पैरों को पहले 60 डिग्री पर फिर 30 डिग्री और धीरे-धीरे मूल अवस्था में लौटें।
  • जब आप नीचे लौटते हैं तो अपने हाथों को नितंब के नीचे लाएं ताकि आप अपने शरीर को बेगैर किसी चोट के आरंभिक अवस्था में ला सके।

 

सर्वांगासन में सांस की प्रक्रिया

  • सर्वांगासन में जब आप अपने पैरों को ऊपर उठाते हैं तो सांस लेते हुए ऊपर जाएं।
  • योगाभ्यास को मेन्टेन करने दौरान आप धीरे धीरे सांस लें और फिर धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • जब आपको पैरों को नीचे लाना हो तो लंबा सांस छोड़ते हुए आरंभिक अवस्था में आएं।

 

सर्वांगासन के फायदे

  1. स्वस्थ के मामले में इस आसन की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। फिर भी हम यहां इसके कुछ महत्वपूर्ण लाभ बारे में जिक्र कर रहे हैं।
  2. यह आपके बालों के परेशानी जैसे सफेद होना, बालों का झड़ना, डेंड्रफ इत्यादि से आपको बचाता है।
  3. इसके नियमित अभ्यास से उम्र बढ़ने प्रक्रिया धीमी जाती और आपको जवां रखने में सक्षम है।
  4. सर्वांगासन आपके चेहरे एवं त्वचा में निखार लेकर आता है।
  5. इसके अभ्यास से थाइरोइड ग्रंथि स्वस्थ रहता है और मेटाबोलिज्म को संतुलित करते हुए आपके वजन को बढ़ने से रोकता है।
  6. यह मधुमेह के कण्ट्रोल के लिए लाभकारी आसन है।
  7. यह आपके पाचन को ठीक करते हुए अपच एवं कब्ज से आपको निजात दिलाता है।
  8. अगर आप हर्निया से परेशान हैं तो इस आसन का नियमित अभ्यास करें।
  9. बवासीर के लिए भी उपयुक्त योगाभ्यास है।
  10. अंतःस्रावी ग्रंथियों के विकारों का उपचार करने में लाभप्रद है।
  11. यौन समस्याएं जैसे बार-बार गर्भपात, प्रदर, उपदंश, आदि के मामले में प्रभावी है।
  12. त्वचा से संबंधित कई विकार जैसे झुर्रियों, पिम्पल्स को रोकता है।
  13. नेत्र दृष्टि को बढ़ाने में सहायक है
  14. ह्रदय के लिए अच्छा है और तेज धड़कनों को रोकता है।
  15. सिर दर्द और माइग्रेन को कम करने में प्रभावी है।
  16. उच्च रक्तचाप एवं गुस्सा में आप इसको किसी विशेषज्ञ के सामने करके इसका फायदा ले सकते हैं।
  17. अनिद्रा वाले रोगियों के लिए लाभदायक आसन है।
  18. इसके नियमित अभ्यास से शरीर ऊर्जा एवं शक्ति बढ़ती है।
  19. यह पेट के अंगों को सक्रिय करते हुए अल्सर में लाभकारी है।
  20. अस्थमा के रोगियों के लिए लाभकारी आसन है।
  21. यह आपके तनाव एवं चिंता को कम करने में बहुत सहायक है।
  22. इसके नियमित अभ्यास से आप धीरे धीरे आध्यात्मिक की ओर बढ़ते हैं।

 

सर्वांगासन की सावधानी

  • अधिक उच्च रक्तचाप में इस आसन को नही करना चाहिए।
  • जिन्हें मिर्गी की शिकायत हो उसे इस आसन को करने से बचना चाहिए।
  • गर्दन के दर्द में इसे बिल्कुल न करें।
  • साइटिका से पीड़ित व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • अगर आप कमर दर्द से परेशान हैं तो इस आसन को एक दम न करें

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