हलासन योग विधि, लाभ और सावधानी

हलासन क्या है ? Halasana in Hindi

इस आसन को हलासन कहा जाता है क्योंकि इसकी अंतिम मुद्रा में शरीर भारतीय हल के समान दिखता है। अगर इस योगाभ्यास को सही तरीके से किया जाए तो सेहत के लिहाज से यह बहुत ही फायदेमंद योगाभ्यास साबित हो सकता है। यह आसन मोटापा को कम करते हुए मधुमेह, थयरॉइड आदि के लिए बहुत लाभकारी है। चूँकि इस की आकृति हल के सामान लगती है इसलिए इसको Plow Pose Yoga भी कहते हैं। हलासन करना उतना भी आसान नहीं है। जो इस आसन को न कर पाए उन्हें अर्द्धहलासन करना चाहिए।Halasana Steps, Benefits and Precaution

 

हलासन विधि । Halasana steps

यहां पर हलासन के आसान एवं सरल विधि के बारे में बताया गया है। इसको समझकर आप इस आसन को ही ठीक तरह ही नहीं कर सकते हैं बल्कि ज़्यदा से ज़्यदा इसका लाभ उठा सकते हैं।

  • पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को जांघों के निकट टिका लें।
  • अब आप धीरे-धीरे अपने पांवों को मोड़े बगैर पहले 30 डिग्री पर, फिर 60 डिग्री पर और उसके बाद 90 डिग्री पर उठाएं।
  • सांस छोड़ते हुए पैरों को पीठ उठाते हुए सिर के पीछे लेकर जाएं और पैरों की अँगुलियों को जमीन से स्पर्श करायें।
  • अब योग मुद्रा हलासन का रूप ले चूका है।
  • धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • जहाँ तक संभव हो सके इस आसन को धारण करें।
  • फिर धीरे धीरे मूल अवस्था में आएं।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र कर सकते हैं।

 

हलासन के लाभ । Halasana benefits

हलासन आसनों की दुनियां में बहुत ही महत्वपूर्ण योगाभ्यास है। यहां पर इसके कुछ फायदे के बारे में जिक्र किया जा रहा है।

  1. पेट की चर्बी कम करने में: इस आसन के नियमित अभ्यास से आप अपने पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं। और अपने वजन पर भी काबू पा सकते हैं।
  2. बाल झड़ने के रोकने में: इस आसन के अभ्यास से खून का बहाव सिर के क्षेत्र में ज़्यदा होने लगता है और साथ ही साथ बालों को सही मात्रा में खनिज तत्व मिलने लगता है। जो बालों के सेहत के लिए अच्छा है।
  3. चेहरे की खूबसूरती के लिए: इसके रोज़ाना अभ्यास से आपके चेहरे में निखार आने लगता है।
  4. थयरॉइड के लिए: यह थयरॉइड एवं पारा थयरॉइड ग्रंथि के लिए बहुत ही मुफीद योगाभ्यास है। यह मेटाबोलिज्म को कण्ट्रोल करता है और शरीर के वजन पर नियंत्रित रखते हुए आपको बहुत सारी परेशानियों से बचाता है।
  5. कब्ज : यह अपच और कब्ज में लाभकारी है।
  6. मधुमेह: यह मधुमेह के लिए बहुत लाभकारी है।
  7. बवासीर: जो लोग बवासीर से ग्रस्त हैं उन्हें इस आसन का अभ्यास करनी चाहिए।
  8. गले की बीमारी: यह आपको गले के विकारों से बचाता है।
  9. सिर दर्द में: जिनको सिर दर्द की शिकायत हो उन्हें इस योग का अभ्यास करनी चाहिए।

 

हलासन सावधानी । Halasana precaution

 

  • यह आसन उनको नहीं करनी चाहिए जिनको सर्वाइकल स्पॉण्डिलाइटिस हो।
  • रीढ़ में अकड़न होने पर इसको करने से बचें।
  • उच्च रक्तचाप में इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • कमर में दर्द होने पर इस आसन को कतिय न करें।
  • चक्कर आने पर इस आसन को न करें।
  • गर्भवस्था एवं menopause में इस योग को करने से बचें।
  • ह्रदय रोग से पीड़ित व्यक्ति इसे न करें।
  • हलासन के सबसे अधिक लाभ तब मिलते हैं जब हलासन के फौरन बाद भुजंगासन किया किया जाए।

 

अर्द्धहलासन कैसे करें। How to do Ardha Halasana

  • पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को जांघों के निकट टिका लें।
  • अब आप धीरे-धीरे अपने पांवों को मोड़े बगैर पहले 30 डिग्री पर, फिर 60 डिग्री पर और उसके बाद 90 डिग्री पर उठाएं।
  • इस अवस्था को कुछ समय के लिए मेन्टेन करें।
  • फिर सांस छोड़ते हुए पैरों धीरे धीरे जमीन पर लेकर आएं।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र कर सकते हैं।
  • अर्द्धहलासन आपके कमर, अपच, कब्ज, पेट की चर्बी कम करने इत्यादि में बहुत लाभकारी है।

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One Response

  1. Avatar for Admin Kaycee May 18, 2017

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