बाबा रामदेव के 5 योग पेट की चर्बी और वजन कम करने के लिए

पेट की चर्बी क्या है। Belly fat in Hindi

पेट की चर्बी का मतलब होता है स्किन के नीचे वसा की एक मोटी तह का जम जाना जो आसानी से नहीं हटती है। इसको हटाने के लिए बहुत सख्त व्यायाम की जरूरत पड़ती है। पेट की चर्बी बढ़ने से वजन का बढ़ना स्वभाविक है जो अपने साथ बहुत सारे परेशानियों को भी नयोता देता है। यहां पर बाबा रामदेव द्वारा कुछ सरल योग के बारे में बताया गया है जो पेट की चर्बी को कम करते हुए आपको बहुत सारी बिमारियों से बचाता है। इसमें सबसे पहले कपालभाति का जिक्र क्या जा रहा है।bhujangasan-for-steps-benefits

 

कपालभाति पेट की चर्बी के लिए। Kapalbhati for belly fat

कपालभाति से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। अगर सही माने में देखा जाये तो लाखों लोग बाबा रामदेव के द्वारा बताए गए कपालभाति से फायदा उठा रहे हैं। रामदेव के अनुसार कपालभाति से पेट की चर्बी तब घटेगा जब इसको आप नियमित रूप प्रतिदिन से 15 से 20 मिनट तक करते हैं। कपालभाति सिर्फ आपके पेट की चर्बी को ही नहीं घटाता बल्कि मोटापा को भी कम करने में अहम रोल निभाता है। यह पेट की चर्बी को कम करने के इलावे मस्तिष्क में स्फूर्ति, श्वसन मार्ग के अवरोध को कम करना, बलगम को दूर करना, साइनसाइटिस, एंजाइम स्राव में मदद करना, फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि, सिर दर्द, इत्यादि में बहुत लाभदायक है। कपालभाति वैसे लोगों को नहीं करनी चाहिए जो हृदय रोग, चक्कर की समस्या, उच्च रक्तचाप, मिर्गी, दौरे, हर्निया तथा आमाशाय के अल्सर से पीड़ित हो। अधिक जानकारी के लिए पढ़े: कपालभाति और पेट की चर्बी का रिश्ता

 

उत्तानपादासन से abs बनाए। Uttanpadasana yoga for abs

अगर आप पेट की चर्बी से परेशान हैं तो बहुत सारा योग करनी की जरूरत नहीं है। उत्तानपादासन अकेले ही पेट को फ्लैट एवं तोंद को कम करने में बड़ी भूमिका निभाता है। उत्तानपादासन एक ऐसा योग है जो पेट की चर्बी को कम करने और पेट को अंदर करने में अहम भूमिका निभाता है। यही नहीं इसके नियमित अभ्यास करने से शरीर में एब्स (abs) भी बनने लगते हैं। अगर सही माने में देखा जाए तो उत्तानपादासन और इसके विभिन्य प्रकार करके आप हमेशा हमेशा के लिए मोटापा और तोंद से निजात पा सकते हैं। उत्तानपादासन के और भी लाभ है जैसे नाभि संतुलन में, पेट की पेशियों के लिए, पेट दर्द, उदर वायु, अपच, अतिसार, घबराहट, कमर मजबूत, इत्यादि में में लाभकारी होता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़े: उत्तानपादासन और abs कैसे बनाएं

 

पश्चिमोत्तानासन योग से पेट अंदर करें। Paschimottanasana yoga for belly

वैसे पश्चिमोत्तानासन योग करना आसान नहीं होता लेकिन प्रैक्टिस करते रहने पर इसको आप सरलता के साथ कर सकते हैं। पश्चिमोत्तानासन पेट को कम करने एवं ह्रदय को सेहतमंद रखने के लिए बहुत उपयोगी आसन है। अगर आपको अपनी पेट की चर्बी कम करनी हो तो इस आसन का नियमित अभ्यास करें। यह वजन कम करने के साथ साथ कमर को पतला करने में भी मदद करता है। यह आपके पेट की चर्बी को हटाता तो है ही साथ ही साथ अंगों के आसपास जमा फैट को भी कम करता है। पश्चिमोत्तानासन योग रीढ़ की हड्डी, वीर्य सम्बंधित परेशानी, पेट की मांसपेशी, त्वचा रोग, साइटिका, तनाव कम करने, पथरी हटाने, बवासीर रोकने, अनिद्रा, बौनापन, चेहरे पर तेज लाने, इत्यादि में लाभकारी है। पश्चिमोत्तानासन योग उनको नहीं करनी चाहिए जिनके पेट में अल्सर हो और कमर में तकलीफ हो। अधिक जानकारी के लिए पढ़े: पश्चिमोत्तानासन योग और पेट को अंदर करने का तरीका।

 

चक्रासन योग से मोटापा कम। Chakrasana yoga for weight loss

पेट बाहर निकला होना शर्मिंदगी का कारण बन जाता है। इस शर्मिंदगी से बचना हो तो तो योग के शरण में आएं और खासकर चक्रासन करें। अगर आप सही माने में वजन बिना किसी दुष्प्रभाव के कम करना चाहते हैं तो चक्रासन करें। इस योग से मोटापा में अच्छी तरह कण्ट्रोल पाया जा सकता है। इस योगाभ्यास से पेट एवं मोटापा ही कम नही होगा बल्कि शरीर शुडोल रूप धारण करते हुए आपके चेहरे पर निखार लेकर आता है और साथ ही साथ आपको बहुत सारे बीमारियों से भी बचाता है। पेट की चर्बी को कम करने के लिए चक्रासन एक बेहतरीन योगाभ्यास है। इसके साथ साथ यह बुढ़ापे को रोकने में, चेहरे के निखार में, बाल झड़ना रोकने में, रीढ़ की हड्डी, इत्यादि में सहायक है। चक्रासन उनको नहीं करनी चाहिए जो हृदय, उच्च रक्तचाप, पेट में सूजन और कमर दर्द की परेशानियों से झूझ रहा हो। अधिक जानकारी के लिए पढ़े: चक्रासन योग से मोटापा तुरंत कम करें।

 

भुजंगासन पेट एवं मोटापा घटाने में। Bhujangasana for quick weight loss

भुजंगासन को अगर सही ढंग से किया जाए तो वजन घटाने के लिए यह एक उम्दा योगाभ्यास है। यह पेट की चर्बी को कम करने के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। बस शर्त है कि इस कोबरा पोज़ को सही विधि और सही तकनीक के साथ किया जाए। भुजंगासन सिर्फ पेट की चर्बी को कम नहीं करता बल्कि तोंद, हिप्स, पैर के साथ साथ शरीर के और जगहों की चर्बी को कम करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। पेट के बगल वाले चर्बी को कम करने में निहायत ही मुफीद योगाभ्यास है। भुजंगासन उनको नहीं करनी चाहिए जिनको अधिक कमर दर्द ,गर्ववती महिला, हर्निया, अलसर, स्लिप डिस्क और साइटिका हो। अधिक जानकारी के लिए पढ़े: भुजंगासन से मोटापा तुरंत कैसे कम करें।

 

 

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